Jharkhand ke jalprapat

top-10-waterfalls-of-Jharkhand

झारखण्ड के जलप्रपात || Jharkhand ke jalprapat || waterfall of jharkhand

झारखण्ड के जलप्रपात || Jharkhand ke jalprapat || waterfall of jharkhand

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बुढाघाघ / लोधघाघ जलप्रपात ( Lodh Falls | Burha Ghagh ) :

  • यह लातेहार जिला में  स्थित है ।
  • यह  महुआडाँड़ प्रखंड से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  • यह झारखंड का सबसे ऊँचा जलप्रपात है जिसकी ऊँचाई 143 मीटर/469 Feet है।
  • इसे ‘लोधा जलप्रपात’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • लोध जलप्रपात का उद्गम स्थल छत्तीसगढ़ राज्य के जमूरा पठार पर है।
  • यह जलप्रपात बूढ़ा नदी / Burha River / बुरहा नदी /बुरहाघाग  पर  स्थित है जो आगे जाकर   उत्तरी कोयल नदी से मिल जाती है ।
  • बूढ़ा नदी महुआटांड़ भेड़िया आश्रयणी ( Mahuatand Wolf Sanctury) और पलामू ब्याघ्र आरक्षण (Palamu Tiger Reserve) की जीवन रेखा है।
  • देश भर इस जलप्रपात का स्थान 21 वां  है |

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Waterfalls in Jharkhand

हुंडरू जलप्रपात :

  • रांची शहर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।
  • हुंडरू जलप्रपात झारखंड का दूसरा  सबसे ऊंचा जलप्रपात है |
  • इसकी ऊंचाई  98 मी./321 feet है
  • यह स्वर्णरेखा नदी पर स्थित है

दसम जलप्रपात  ( Dassam Waterfall )

  • दशम फॉल ( Dasam Fall ) झारखण्ड की राजधानी – राँची जिला से करीब 35 Km दूर  रांची-टाटा रोड पर स्थित है।
  • बुण्डू से करीब 20 km तैमारा थाने के पानसाकाम गांव में कांची नदी पर स्थित है।
  • जगह दासम गढ़ के रूप में भी जाना जाता है।
  • दशम जलप्रपात सुबर्णरेखा नदी की एक सहायक नदी कांची नदी पर स्थित  है ।
  • इस झरने का मुख्य जल स्रोत नदी कचनी है, जो यहां 144 फीट/44 meter की ऊंचाई से आता है।
  • इस गिरावट की अनूठी विशेषता यह है कि जब झरना देखा जाता है, तो 10 पानी की धाराएं भी गिरती दिखाई देती हैं।
  • दशम जलप्रपात का असली नाम “दा:सोम” है। “दा:सोम शब्द स्थानीय मुन्डारी भाषा का है । दा:सोम शब्द दो शब्द दा: और सोम से बना है। दा: का अर्थ पानी और सोम का अर्थ जमाव होता है।

हिरनी जलप्रपात | Hirni Fall :

  • हिरनी जलप्रपात ,झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (West Singhbhum) जिले के बंदगांव प्रखंड के मामला गांव में स्थित है।
  • रांची चाईबासा मार्ग पर पश्चिमी सिंहभूम (West Singhbhum) जिला में स्थित है
  • इसकी ऊंचाई 37 मीटर 121 feet है |
  • हिरनी जलप्रपात पश्चिमी सिंहभूम (West Singhbhum)  में प्रवाहित होने वाली नदी   Ramgarha River पर स्थित है।
  • ये जलप्रपात झारखण्ड, ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ तक फैले विशाल वन क्षेत्र सारंडा जंगल में स्थित है

पंचघाघ फॉल ( Panchghagh Fall   ) :

  • यह खूंटी जिला में स्थित है
  •   पांच धाराओं से मिलकर बने होने के कारण इसका नाम नामकरण – पंचघाघ पड़ा |
  • यह बनई नदी पर स्थित है जो कि पांच अलग – अलग धाराओं में बंट गया है।
  • पंचघाघ का पानी ज्यादा ऊंचाई से नहीं गिरता है |
क्र.स जलप्रपात जिला विशेषता
 1 बुढाघाघ / लोधघाघ जलप्रपात लातेहार झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात (137 मी   )
2 हुंडरू जलप्रपात रांची झारखंड का दूसरा  सबसे ऊंचा जलप्रपात (98 मी.)
3 दशम जलप्रपात रांची काँची नदी पर है  (44मी.)
4  पंचघाघ जलप्रपात खूँटी खूँटी जिला में स्थित है
5 हेपाद जलप्रपात गुमला घाघरा नदी के उदगम स्थल पर है
6 हिरनी जलप्रपात प. सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम (West Singhbhum) जिला में स्थित है
7 राजरप्पा जलप्रपात रामगढ़ दामोदर ऐव भैरवी नदी के संगम पर स्थित है
8 घाघरी जलप्रपात लातेहार `नेतरहाट मे घाघरा नदी पर  स्थित है   (43मी.)
9 जोन्हा /गोतमधारा जलप्रपात रांची रादू नदी पर  स्थित है   (17 मी)   माना जाता है की यह पर गोतम बुद्ध ने स्नान किया है /
10 घरघरीया जलप्रपात लोहरदग्गा पाट क्षेत्र की तलहटी मे स्थित है
11 लोध जलप्रपात लातेहार बूढ़ा नदी पर  स्थित है
12 गोतमधार जलप्रपात लातेहार  ——-
13 प्रेमाघाघ जलप्रपात गुमला रायडीह गाव से 6 कीमी. की दूरी पर स्थित है
14 धारागिरी जलप्रपात घाटशीला पूर्वी सिंहभूम मे स्थित है
15 नागफेनी जलप्रपात गुमला ——-
16 सतवागन जलप्रपात कोडरमा ——-
17 पंचघाघ जलप्रपात खूंटी बनाई नदी पर अवस्थित है
18 मोतिझरा जलप्रपात राजमहल पहाड़ी अजय नदी पर 40 मी की ऊंचाई पर स्थित है